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गुरबाणी विचार फलगुणि श्री गुरु नानक देव जी
गुरबाणी विचार फलगुनि मनि रहसी प्रेमु सुभाइआ ॥ अनदिनु रहसु भइआ आपु गवाइआ ॥ मन मोहु चुकाइआ जा तिसु भाइआ करि किरपा घरि आओ ॥ बहुते वेस करी पिर बाझहु महली लहा न थाओ ॥ हार डोर रस पाट पटंबर पिरि लोड़ी सीगारी ॥ नाक मेलि लई गुरि अपण घरि वरु पाइआ नारी ॥१६॥ बे […]
गुरबाणी विचार फलगुणि श्री गुरु अरजन देव जी
गुरबाणी विचार फलगुणि अनंद उपारजना हरि सजण प्रगटे आइ || संत साई राम के करि किरपा दीआ मिलाइ ॥ सेज सहावी सरब सुख हुणि दुखा नाही जाइ ॥ इछ पुनी वडभागणी वरु पाइआ हरि राई || मिलि सहीआ मंगलु गावही गीत गोविंद अलाइ ॥ हरि जेहा अवरु न दिसई कोई दूजा लवै न लाइ ॥ […]
समाज-सुधार में क्रांति लाने वाले भक्त रविदास जी
-डॉ. कशमीर सिंघ ‘नूर’ जिस समाज में तथाकथित ऊंची जाति के लोगों द्वारा अन्य लोगों के साथ अमानवीय, अति घटिया, पशुओं के तुल्य व्यवहार सदियों तक किया जाता रहा हो, उस समाज में भक्त रविदास जी के जन्म लेने की घटना अत्यंत महत्त्वपूर्ण तथा क्रांतिकारी घटना थी । भक्त रविदास जी ऐसे महान भक्त, महान […]
उन सतिगुरु आगै सीसु न बेचिआ
-डॉ. परमजीत कौर जुल्म, जब्र और अन्याय को खत्म करने के लिए सरवंश कुर्बान कर देने वाले कलगीधर पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंघ जी ने श्री गुरु नानक देव जी द्वारा दिखाए गए सिद्धांतों के निर्माण के लिए और गुर विचारधारा को मज़बूत आधार देने के लिए गुरसिक्खों को अमृत की अद्वितीय अनमोल रहमत के […]
