गुरबाणी विचार फलगुणि श्री गुरु अरजन देव जी
गुरबाणी विचार फलगुणि अनंद उपारजना हरि सजण प्रगटे आइ || संत साई राम के करि किरपा दीआ मिलाइ ॥ सेज सहावी सरब सुख हुणि दुखा नाही जाइ ॥ इछ पुनी वडभागणी वरु पाइआ हरि राई || मिलि सहीआ मंगलु गावही गीत गोविंद अलाइ ॥ हरि जेहा अवरु न दिसई कोई दूजा लवै न लाइ ॥ […]
