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February 19, 2025
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गुरुद्वारा प्रबंध सुधार लहर की श्रृंखला में घटि साका गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब

-डॉ. रूप सिंघ* श्री गुरु गोबिंद सिंघ जी ने गुरु-पिता श्री गुरु तेग बहादर साहिब की शहादत को ‘धरम हेत साका’ कहा है, जिससे ‘साका’ शब्द सिक्ख शब्दावली का अटूट हिस्सा बन गया है। साका का अर्थ है, कोई ऐसा कर्म जो इतिहास में प्रसिद्ध रहने लायक हो। विचित्र, अनोखी, अद्वितीय, अजीब घटना को साका […]

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February 19, 2025
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जैतो का मोर्चा

श्री दलजीत राय कालिया * सिक्ख कौम का इतिहास कुर्बानियों और शहादतों का इतिहास है। शहीदों के सिरताज श्री गुरु अरजन देव जी, हिंद की चादर श्री गुरु तेग बहादर साहिब और सरवंशदानी श्री गुरु गोबिंद सिंघ जी की अद्वितीय कुर्बानी की विलक्षण मिसाल है। समय-समय पर मेहनती सिंघों ने शहीदी परंपरा को आगे बढ़ाया […]

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February 19, 2025
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विश्व-आध्यात्मिकता और शबद – गुरु सिद्धांत : गुरबाणी के संदर्भ में

-डॉ. जोरावर सिंघ* प्रस्तावना : संसार के समस्त प्राणियों में मनुष्य ही ऐसा प्राणी है जिसे प्रकृति ने आध्यात्मिक जीवन जीने योग्य बनाया है। इसके अतिरिक्त अन्य प्राणी – मात्र भौतिक जीवन ही जी सकते हैं। मनुष्य की भौतिक क्रियाएं अन्य प्राणियों की भांति ही हैं । अध्यात्म के कारण ही मनुष्य अन्य प्राणियों से […]

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February 13, 2025
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गुरबाणी विचार फलगुणि श्री गुरु नानक देव जी

गुरबाणी विचार फलगुनि मनि रहसी प्रेमु सुभाइआ ॥ अनदिनु रहसु भइआ आपु गवाइआ ॥ मन मोहु चुकाइआ जा तिसु भाइआ करि किरपा घरि आओ ॥ बहुते वेस करी पिर बाझहु महली लहा न थाओ ॥ हार डोर रस पाट पटंबर पिरि लोड़ी सीगारी ॥ नाक मेलि लई गुरि अपण घरि वरु पाइआ नारी ॥१६॥ बे […]

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February 13, 2025
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गुरबाणी विचार फलगुणि श्री गुरु अरजन देव जी

गुरबाणी विचार फलगुणि अनंद उपारजना हरि सजण प्रगटे आइ || संत साई राम के करि किरपा दीआ मिलाइ ॥ सेज सहावी सरब सुख हुणि दुखा नाही जाइ ॥ इछ पुनी वडभागणी वरु पाइआ हरि राई || मिलि सहीआ मंगलु गावही गीत गोविंद अलाइ ॥ हरि जेहा अवरु न दिसई कोई दूजा लवै न लाइ ॥ […]

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February 12, 2025
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समाज-सुधार में क्रांति लाने वाले भक्त रविदास जी

-डॉ. कशमीर सिंघ ‘नूर’ जिस समाज में तथाकथित ऊंची जाति के लोगों द्वारा अन्य लोगों के साथ अमानवीय, अति घटिया, पशुओं के तुल्य व्यवहार सदियों तक किया जाता रहा हो, उस समाज में भक्त रविदास जी के जन्म लेने की घटना अत्यंत महत्त्वपूर्ण तथा क्रांतिकारी घटना थी । भक्त रविदास जी ऐसे महान भक्त, महान […]

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February 12, 2025
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उन सतिगुरु आगै सीसु न बेचिआ

-डॉ. परमजीत कौर जुल्म, जब्र और अन्याय को खत्म करने के लिए सरवंश कुर्बान कर देने वाले कलगीधर पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंघ जी ने श्री गुरु नानक देव जी द्वारा दिखाए गए सिद्धांतों के निर्माण के लिए और गुर विचारधारा को मज़बूत आधार देने के लिए गुरसिक्खों को अमृत की अद्वितीय अनमोल रहमत के […]

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February 12, 2025
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शहीद सरदार शाम सिंघ अटारी

– डॉ. कशमीर सिंघ ‘नूर’ सरदार शाम सिंघ अटारी का जन्म कब हुआ तथा इनका बचपन किस रूप में गुज़रा, इस बारे में ज्यादा कुछ पता नहीं चलता। डॉ. चोपड़ा ने अपनी पुस्तक ‘Punjab As A Sovereign State’ में लिखा है कि “स. शाम सिंघ पहली बार सन् १८१८ ई. में महाराजा रणजीत सिंघ की […]

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February 12, 2025
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कहि रविदास छूटिबो कवन गुन

– डॉ. सत्येंद्रपाल सिंघ भक्त रविदास जी सामाजिक-आध्यात्मिक यथार्थ के बड़े सशक्त पैरोकार और प्रवक्ता थे, जिन्होंने तमाम दबावों और विरोधाभासों के बावजूद भी सच कहने का साहस दिखाया । कदाचित इसी कारण उनकी बाणी को श्री गुरु ग्रंथ साहिब में स्थान मिला । सच के जिस धरातल को तलाश कर गुरु साहिबान ने समाज […]

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February 03, 2025
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भ्रष्टाचार : कारण और निवारण

-डॉ. दादूराम शर्मा* अर्थ या धन मानव जीवन का आधार है । हमारे मनीषियों ने प्राचीन काल में जिन चार पुरुषार्थों की स्थापना की थी, वे हैं– धर्म अर्थ, काम और मोक्ष । विज्ञान के इस युग ने धर्म और मोक्ष की मान्यताओं को पूरी तरह नकार दिया है अथवा संदेह के घेरे में लाकर […]