हिन्दी, ਤਾਜ਼ਾ ਖ਼ਬਰਾਂ
June 07, 2026
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तीसरे घल्लूघारे की 42वीं शहीदी वर्षगांठ पर दमदमी टकसाल में विशाल पंथक समागम, शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि”

संत भिंडरांवाले की शहादत और विरासत को समर्पित विशाल आयोजन में बंदी सिखों की रिहाई की मांग उठी शहीदों का बलिदान कौम की अमूल्य धरोहर : संत ज्ञानी हरनाम सिंह खालसा संत भिंडरांवाले की विरासत सिख कौम के लिए प्रेरणा स्रोत : हरजिंदर सिंह धामी चौंक महिता-जून 1984 के तीसरे घल्लूघारे की 42वीं शहीदी वर्षगांठ […]

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May 02, 2026
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रेडक्रास सोसायटी की आधारशिला: भाई घनईया जी

सन १६४८ में चिनाब नदी की सहायक चंद्रभागा नदी के तट पर बसे कसबा सोधरा (सोहदरा, सौद्धारा), ज़िला वज़ीराबाद (अब पाकिस्तान में ज़िला गुज्जरांवाला) में एक सम्पन्न खत्री (क्षत्रिय) परिवार में श्री नत्थूराम जी के घर माता सुंदरी की कोख से जन्मे इस बालक का नाम घनईया रखा। भाई घनईया जी बचपन से ही सीधी-सादी […]

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April 24, 2026
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महारानी जिंद कौर

इतिहास में जब कभी भारत की महान महिलाओं का उल्लेख किया जाएगा तो शेरे पंजाब महाराजा रणजीत सिंघ की महारानी जिंद कौर की संपूर्ण भूमिका का वर्णन भी गौरवमय शब्दों में किया जाएगा। उन्हें पंजाबी प्यार से ‘महरानी जिंदां’ पुकारते देखे-सुने जा सकते हैं। अपने जीवन के अंतिम दशक में तो वे हमारे स्वाधीनता संग्राम […]

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April 14, 2026
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वैसाखि धीरनि किउ वाढीआ

वैसाखि धीरनि किउ वाढीआ जिना प्रेम बिछोहु॥ हरि साजनु पुरखु विसारि कै लगी माइआ धोहु॥ पुत्र कलत्र न संगि धना हरि अविनासी ओहु॥ पलचि पलचि सगली मुई झूठे धंधै मोहु॥ इकसु हरि के नाम बिनु अगै लई अहि खोहि॥ दयु विसारि विगुचणा प्रभ बिनु अवरु न कोइ॥ प्रीतम चरणी जो लगे तिन की निरमल सोइ॥ […]

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March 25, 2026
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केशों की महानता

दुनिया में जहां कहीं भी गुरु, पीर, फकीर, ऋषि, मुनि, साधु, संत, भक्त हुए हैं, वे सभी केशधारी, साबत सूरत वाले हुए हैं। वे अपने कर्म-व्यवसाय, नाम-सिमरन में तल्लीन तो रहते ही थे, साथ ही अपने प्राकृतिक स्वरूप की संभाल भी किया करते थे। वे केशों को नहीं काटते थे। वे सभी केशों के महत्त्व […]

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March 08, 2026
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पहाड़ों में प्रदूषण

जिस तरह से भारत के सौंदर्य स्थलों और पर्वतीय नगरों में तेजी से प्रदूषण फैल रहा है, यह बहुत ही चिंतनीय बात है। उत्तर हिमालय में धर्मशाला, डलहौजी, शिमला, कुल्लू-मनाली, अल्मोड़ा, रानीखेत और मसूरी से लेकर पूर्व में कलिंपौंग और दार्जिलिंग तक वे सभी स्थान जो हवा और स्वास्थ्यवर्धक जलवायु के लिए प्रसिद्ध थे, ये […]

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March 05, 2026
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औरन की होली मम होला

होली भारत का प्रसिद्ध, प्राचीन एवं प्रतीकमयी त्योहार है, जो देश भर में भारी उत्साह, उमंग और उल्लास से मनाया जाता है। इस त्योहार की आरंभता हिरण्यकश्यप के समय से मानी जाती है। होलिका की कुटिलता की पराजय और प्रहलाद की विजय की खुशी में लोग झूम उठे और होलिका का उपहास करना शुरू कर […]

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February 28, 2026
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जा कउ हरि रंगु लागो इसु जुग महि…

जा कउ हरि रंगु लागो इसु जुग महि सो कहीअत है सूरा ॥ आतम जिणै सगल वसि ता कै जा का सतिगुरु पूरा ॥१॥ ठाकुरु गाईए आतम रंगि॥ सरणी पावन नाम घिआवन सहजि समावन संगि ॥१॥रहाउ॥ जन के चरन वसहि मेरै हीअरै सगि पुनीता देही ॥ जन की धूरि देहु किरपा निधि नानक कै सुखु […]

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February 25, 2026
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प्राणी एको नामु धिआवहु

खाणा पीणा हसणा सउणा विसरि गइ‌आ है मरणा ॥ खसमु विसारि खुआरी कीनी धिगु जीवणु नहीं रहणा ॥१॥ प्राणी एको नामु धिआवहु ॥ अपनी पति सेती घरि जावहु ॥१॥रहाउ तुघनो सेवहि तुझु किआ देवहि मांगहि लेवहि रहहि नही ॥ तू दाता जीआ सभना का जीआ अंदरि जीउ तुही ॥२॥ गुरमुखि धिआवहि सि अम्रितु पावहि सेई […]

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February 13, 2026
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गुरबाणी शब्द विचार

कलिजुग का धरमु कहहु तुम भाई किव छूटह हम छुटकाकी ॥ हरि हरि जपु बेड़ी हरि तुलहा हरि जपिओ तरै तराकी ॥१॥ हरि जी लाज रखहु हरि जन की ॥ हरि हरि जपनु जपावहु अपना हम मागी भगति इकाकी ॥रहाउ॥ हरि के सेवक से हरि पिआरे जिन जपिओ हरि बचनाकी ॥ लेखा चित्र गुपति जो […]