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November 22, 2025
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कीनो बडो कलू महि साका ॥

श्री गुरू नानक देव जी की इलाही ज्योति के आलोक में नौवें गुरू श्री गुरू तेग बहादर साहिब जी ने भारतीय संस्कृति को नया संदेश दिया। श्री गुरू तेग बहादर साहिब जी ने हिन्दू धर्म की रक्षा के लिए अपना शीश कुर्बान कर दिया। वे सही अर्थों में मानव जाति के रक्षक थे। वे धार्मिक […]

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November 12, 2025
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सो किउ मंदा आखीऐ…

भंडि जंमीऐ भंडि निमीऐ भडि मंगणु वीआहु ।। भंडछु होवै दोसती भंडहु चलै राहु ॥ भंडु मुआ भंडु भालीऐ भंडि होवै बंधानु ॥ सो किउ मंदा आखीऐ जितु जंमहि राजान ॥ भंडहु ही भंडु ऊपजै भंडै बाझु न कोइ ॥ नानक भंडै बाहरा एको सचा सोइ ॥ जितु मुखि सदा सलाहीऐ भागा रती चारि ॥ […]

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November 05, 2025
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“गुरु नानक सभ के सिरताजा”

श्री गुरु नानक देव जी का धरती पर आना अर्थात् जन्म लेना विश्व के धार्मिक इतिहास में एक महत्त्वपूर्ण घटना मानी जाती है, क्योंकि इस प्रकाश पुंज ने संसार में जिन सिद्धांतों, रीति-रिवाजों, उसूलों तथा औपचारिकताओं का प्रचार किया, वे समूचे मानव समाज के कल्याण के साथ जुड़ी हुई हैं। गुरु साहिब ने अपनी मीठी […]

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October 28, 2025
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मानवता के गुरु : श्री गुरु नानक देव जी

श्री गुरु नानक देव जी का धरती पर आना अर्थात् जन्म लेना विश्व के धार्मिक इतिहास में एक महत्त्वपूर्ण घटना मानी जाती है. क्योंकि इस प्रकाश पंज ने संसार में जिन सिद्धांतों, रीति-रिवाजों, उसूलों तथा औपचारिकताओं का प्रचार किया, वे समूचे मानव समाज के कल्याण के साथ जुड़ी हई हैं। गुरु साहिब ने अपनी मीठी […]

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October 22, 2025
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बंदी छोड़ दिवस

सिक्ख गुरु साहिबान के जन्म तथा ज्योति-जोत समाने के दिवसों (गुरुपर्वो) के अलावा होला-महल्ला, वैसाखी तथा बंदी छोड़ दिवस (दीपावली) सिक्ख जगत के प्रमुख त्योहार हैं, जो प्रत्येक वर्ष सिक्ख संगत बड़ी श्रद्धा तथा उत्साह से मनाती है। होला महल्ला तथा वैसाखी तख़्त श्री केसगढ़ साहिब, श्री अनंदपुर साहिब (ज़िला रोपड़) में तथा बंदी छोड़ […]

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October 20, 2025
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सिंघ सभा लहर का उत्थान और प्रभाव

महाराजा रणजीत सिंघ के काल के बाद पंजाब की राजनैतिक स्थिति बहुपक्षीय रूप से बदल चुकी थी। इसके साथ ही धार्मिक स्थितियां भी तेजी के साथ बदल रही थीं, जिस कारण सिक्ख धर्म की सबसे प्रमुख लहर’ सिंघ सभा लहर’ अस्तित्व में आई। इस लहर की उत्पत्ति १८७३ ई. में हुई, जिसका मुख्य उद्देश्य सिक्ख […]

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October 15, 2025
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श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ने आईपीएस वाई. पूर्ण कुमार के खिलाफ जातिवादी भेदभाव की कड़ी निंदा की

श्री अमृतसर-श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने हरियाणा के आईपीएस अधिकारी वाई. पूर्ण कुमार को आत्महत्या के लिए मजबूर किए जाने की घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा है कि सिखों का सर्वोच्च तख्त श्री अकाल तख्त साहिब जातिवाद और किसी भी प्रकार के […]

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October 05, 2025
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महाराजा रणजीत सिंघ की पंथक सोच

सिक्ख कौम महाराजा रणजीत सिंघ पर फख्र करती है, क्योंकि वे पंजाब के ही नहीं बल्कि हिंद उप महाद्वीप के आखिरी स्वतंत्र, आज़ाद और खुदमुख्तार शासक थे, जिनकी कीर्ति पूरे संसार में फैली हुई थी। उन्होंने ऐसा सिक्ख राज (सत्ता) कायम किया, जिसमें तीन कौमें-सिक्ख, हिंदू और मुसलमान बराबर की हिस्सेदार थीं। उन्होंने गुरु-आशय के […]

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October 02, 2025
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गुर रामदास राखहु सरणाई

श्री गुरू रामदास जी दया व प्रेम की मूर्ति, नम्रता के पुंज, संगीत-कला व विद्या के प्रेमी के रूप में जाने जाते हैं। आप जी का समूचा जीवन गुरमति विचारधारा एवं सिख जीवन-शैली की अद्वितीय मिसाल है। भट्ट विद्वानों ने अपनी बाणी, जिसे ‘भट्टां दे सवैये’ के नाम से जाना जाता है, में गुरू साहिब […]

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September 03, 2025
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अरदास में केश दान का महत्त्व 

केशों की धर्म के इतिहास में विशेष महानता है। यह वो पहचान है जिससे प्रकृति ने हमें सजाया है। पैदा होते ही ये एक पोशाक की तरह परमात्मा ने हमें पहनाए हैं ।  ‘केश‘ शब्द का मूल धातु पाणिनी ने ‘काश’ बताया है, जिसका अर्थ है ‘ज्योति’ । इसलिए केश ज्योति को आकर्षित करने वाले […]