तख़्त श्री हरिमंदर जी पटना साहिब से सम्बंधित एक अहम पंथक दस्तावेज
– स. गुरचरनजीत सिंघ (लांबा) “गंगा में से उठी लहर गोदावरी में समाई।” ये शब्द कलगीधर पिता साहिब श्री गुरु गोबिंद सिंघ जी के जीवन काल के सफ़र को बयान करते हैं। गंगा तट के कदीमी शहर पटना साहिब में सतिगुरु जी का प्रकाश हुआ और गोदावरी के तट पर श्री हजूर साहिब में ज्योति जोत समाए । पंजाब में सतलुज के किनारे आपका कर्म क्षेत्र रहा।
