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January 30, 2025
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आत्म गौरव की रक्षा

मानव जीवन अपने आप में एक अमूल्य उपहार हैं । जीवन सर्वोत्तम उत्कृष्टता के साथ जीने से सार्थक व सफल होता है । सब में परमात्मा के स्वरूप के दर्शन कर, मानवता की रक्षा, मानव मूल्यों हेतु हम अपने को सदा आगे रखें। सिक्ख गुरु साहिबान ने अपने व्यक्तिगत सुख व आकांक्षाओं को छोड़कर दूसरों के कल्याण हेतु संघर्ष किया, ज़रूरत पड़ी तो बलिदान देने में भी पीछे नहीं हटे, तभी वे समाज में सर्वोत्तम आदर्श व पूज्य व्यक्तित्व बन गए ।
माया का लोभ, भ्रांतियों और रूढ़ियों में जकड़े रहना, रोग-शोक का कारण हैं । हम आत्म सुधार कर अपनी मलीनताओं को दूर कर परिष्कृत व उदार सेवाभावी बनें। आत्म सुधार संसार की सबसे बड़ी सेवा है। जो भी अपूर्णताएं हैं, उन्हें अध्यात्म का सहारा लेकर दूर करने का प्रयास करें। जीवन में कोई ऐसा कार्य न करें, जिससे सिर झुकाना पड़े; कहीं अपमान सहना पड़े या कोई हमारी आलोचना करे। हम सही नीति पर चलते हुए श्रेष्ठ कार्य करें और समाज को ऊंचा उठाने में भरपूर योगदान दें।

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January 30, 2025
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मानवता के हमदर्द : भक्त रविदास जी

– डॉ. दिलप्रीत कौर * विख्यात संतों एवं भक्तों में भक्त रविदास जी का नाम बड़ी श्रद्धा से लिया जाता है । आ जन्म संवत् १४३३ बिक्रमी में श्री राघव (रघु) के घर बनारस (वाराणसी) में हुआ था। आपके जन्म संबंधी यह दोहा प्रचलित है: संवत चौदह सौ तैंतीस, माघ सुदी पंद्रास । दुखियों के […]

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January 30, 2025
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गुरबाणी अनुसार सुखी जीवन की प्राप्ति

– डॉ. बेअंत सिंघ शीतल* संसार के प्रत्येक मनुष्य की हार्दिक अभिलाषा होती है कि वह हमेशा आनंद से भरपूर सुखी जीवन व्यतीत करे। इस निश्चिंततापूर्वक प्रसन्न एवं सुखी जीवन के लिए परम आवश्यक है मानसिक शांति तथा शारीरिक आरोग्यता । इन्हीं की प्राप्ति के लिए गुरबाणी में अत्यंत प्रमाण मौजूद हैं : दुखु दरदु […]

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January 10, 2025
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सुपने जिउ संसारु ॥

– स. रणवीर सिंह* रामु गइओ रावनु गइओ जा कउ बहु परवारु ॥ कहु नानक थिरु कछु नही सुपने जिउ संसारु ॥ ( पन्ना १४२९) नवम् पातशाह श्री गुरु तेग बहादर साहिब ने फरमाया है कि जिसने भी इस धरती पर जन्म लिया है, उसे मरना जरूर है। इस सृष्टि में कोई भी स्थिर नहीं […]

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January 10, 2025
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बाबा दीप सिंघ जी शहीद

-डॉ. कशमीर सिंघ ‘नूर’* विश्व-इतिहास में अलग, उच्च कोटि का और अति महत्त्वपूर्ण व गौरवपूर्ण स्थान रखने वाले सिक्ख- इतिहास का प्रत्येक अध्याय शहीदों के खून की आभा से चमकता – दमकता दिखाई देता है। सिक्ख गुरुओं, शूरवीरों, योद्धाओं, सिंघों, सिंघनियों, भुजंगियों की शहादत की लौ से, प्रकाश से संसार में से तमाम बुराइयों के […]

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January 10, 2025
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संगीत – क्षेत्र में गुरमति संगीत का स्थान

-डॉ. प्रेम मच्छाल * सिक्ख धर्म में गुरु साहिबान की बाणी को ‘गुरबाणी’, जहां गुरबाणी – संग्रह श्री गुरु ग्रंथ साहिब का प्रकाश हो उसको ‘गुरुद्वारा’ और उनके उद्देश्यों और उपदेशों को ‘गुरमति’ (गुरु की मति ) कहने के कारण भारतीय संगीत के जो सप्त स्वर सिक्ख धर्म की आस्था और विश्वास को उज्जवल ( […]

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January 07, 2025
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गुरमति में दान और दसवंध का महत्व

– डॉ. कशमीर सिंघ ‘नूर’* भाई कान्ह सिंघ नाभा के मुताबिक दान का अर्थ है- देने का कर्म देने योग्य धन । वह वस्तु जो दान में दी गई हो तथा महसूल, कर आदि अर्थों में भी ‘दान’ शब्द का उपयोग हुआ मिलता है। गुरबाणी का कथन है : — हउमै डंनु सहै राजा मंगै […]

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January 07, 2025
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छाइ जाती एकता, अनेकता बिलाइ जाती

– सतविंदर सिंघ फूलपुर परमात्मा ने सृष्टि बना कर कई तरीके से, अनेक रंगों और किस्मों की रचना की है। असंख्य प्रकार के जीव-जंतु, मानव, वनस्पतियां, फूल- फल आदि पैदा किये हैं। यह विभिन्नता ही प्रकृति की सुन्दरता है। एकसारता एकरूपता (सदृश) में मायूसी है। अनेकता (बहुरूपता, विभिन्नता, नानात्व) धरती का सौंदर्य है। मात्र जल, […]

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January 07, 2025
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श्री गुरु हरिराय साहिब

– प्रिं: तेजा सिंघ, डॉ. गंडा सिंघ श्री गुरु हरिगोबिंद साहिब के बाबा गुरदित्ता जी, सूरज मल, अणी राय, बाबा अटल राय तथा श्री (गुरु) तेग बहादर साहिब पांच सुपुत्र थे । बाबा अटल राय, अणी राय तथा बाबा गुरदित्ता जी अपने पिता जी के जीते-जी ही परलोक गमन कर गये थे। सूरज मल सांसारिक […]

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January 07, 2025
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सिक्ख इतिहास में पटना साहिब का स्थान

-डॉ. दीनानाथ शरण सिक्खों के इतिहास में पटना साहिब का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि पटना साहिब में दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंघ जी का जन्म हुआ; यहीं उनके बचपन के छः सात वर्ष व्यतीत हुए। पटना साहिब को श्री गुरु नानक देव जी का चरण स्पर्श भी प्राप्त है। श्री गुरु तेग बहादर […]